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हाई बीपी, हृदय रोग और फेफड़ों की सूजन सहित कई बीमारियों को खत्म करता है ये फल, जाने फायदे

 करौंदे का पेड़ पहाडी देशों में ज्यादा होते हैं कांटे भी होते है। करौंदे का पौधा एक झाड़ की तरह होता है। इसकी ऊंचाई 6 से 7 फीट तक होती है। पत्तों के पास कांटे होते है जो मजबूत होते है। इसके फूलों की गन्ध जूही के समान होते है। इसके फल गोल, छोटे और हरे रंग के होते है। पकने पर यह काले रंग के होते है। करोंदा के कच्चे फल सफेद व लालिमा सहित अण्डाकार दूसरे बैंगनी व लाल रंग के होते हैं देखने में सुन्दर तथा कच्चे फल को काटने पर दूध निकलता है। पक जाने पर फल का रंग काला हो जाता है। इसके अन्दर 4 बीज निकलते हैं। यह आयुर्वेद में भी बहुत काम आता है। इससे कई तरह की आयुर्वेदिक दवाएं बनाई जातीं हैं। इसका घर पर भी उपयोग कर कई बीमारियों से छुटकारा पाया जा सकता है। आइये जानते हैं करोंदे से होने वाले बेमिसाल फायदों के बारे में।


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करोंदा के फायदे
1. करौंदे में स्तन कैंसर से भी लड़ने की शक्ति है। इसके नियमति सेवन से स्तन कैंसर के होने की संभावनाएं न के बराबर हो जाती हैं।
2. उच्च रक्तचाप वाले मरीजों के लिए करौंदा एक चटपटी दवा की तरह काम करता है। इसके सेवन से रक्तचाप कम हो जाता है।

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3. करोंदे के सेवन से हृदय रोगियों को बहुत ही फायदा मिलता है | इसको खाने से हमारे शरीर में बैड कोलेस्ट्रॉल कम हो जाता है | जिससे हमारा हृदय सही रूप से कार्य करता है |
4. करोंदे के सेवन से हमारे शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ जाती है जिससे हमारे शरीर में रोगो से लड़ने की ताक़त बढ़ जाती है |
5. करोंदे के सेवन से फेफड़ो की सूजन भी कम हो जाती है जिससे हमें खांसी जल्दी जल्दी नहीं होती है |

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6. करोंदे के सेवन से जिन महिला को इन्फेक्शन की समस्या रहती है उसका भी इलाज हो जाता है |
7. अगर किसी को सूखी खांसी हो जाए तो उसे करोंदे की पत्तियों के रस का सेवन करना चाहिए |