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बड़ा खुलासा: अब तक कुल 18000 लोगों को लगाया जा चुका है कोरोना वैक्सीन का टीका


कोरोना वायरस (coronavirus) के बढ़ते मामलों के बीच ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी (oxford university) ने कोरोना के टीका विकसित करने को लेकर उम्मीद की किरण जगाई थी, हालांकि इस उम्मीद को झटका तब लगा जब पिछले दिनों ब्रिटेन ट्रायल में एक मरीज को परेशानी का सामना करना पड़ा। टीका विकसित कर रही एस्ट्राजेनेका (astrazeneca) की तरफ से कहा गया था कि ट्रायल में शामिल UK की एक महिला की रीढ़ की हड्डी में गंभीर रूप से सूजन आ गई है, इसलिए कंपनी की तरफ से ट्रायल को रोकने का फैसला लिया गया था


टीका विकसित करने की इस उम्मीद को फिर से एक अच्छी खबर मिली है। ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी ने कहा है कि औषधि कंपनी एस्ट्राजेनेका के साथ कोरोना वायरस का टीका विकसित करने के लिए परीक्षण को बहाल किया जाएगा। विश्वविद्यालय ने एक बयान में कहा है ,‘‘इस तरह के बड़े परीक्षण में आशंका रहती है कि कुछ भागीदार अस्वस्थ होंगे और हर मामले का सावधानी पूर्वक मूल्यांकन कर सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी।  


बयान में कहा गया है कि परीक्षण के तहत दुनियाभर में करीब 18,000 लोगों को यह टीका दिया गया है। अब ऑक्सफोर्ड कोरोना वैक्सीन के ट्रायल ब्रिटेन के सभी परीक्षण केंद्रों में फिर से शुरू किए जाएंगे। हालांकि इसका समय नहीं बताया गया है। परीक्षण में भाग लेने वाले व्यक्ति की गोपनीयता बनाए रखने की वजह से मरीज की अस्वस्थता के बारे में सूचनाओं का खुलासा नहीं किया गया है। हालांकि, जोर दिया गया है कि वह अपने अध्ययन में सर्वश्रेष्ठ मानकों को अपनाते हुए भागीदारों की सुरक्षा को लेकर प्रतिबद्ध है और सुरक्षा को लेकर लगातार गहराई से मूल्यांकन किया जाएगा


बयान के मुताबिक, विश्व स्तर पर करीब 18,000 लोगों ने अध्ययन के टीके प्राप्त किए हैं. इस तरह के बड़े परीक्षणों में यह उम्मीद की जाती है कि कुछ प्रतिभागी अस्वस्थ हो जाएंगे। इसलिए उनकी सुरक्षा का सावधानीपूर्वक मूल्यांकन किया जाना चाहिए। यह निष्कर्ष निकाला गया है कि समिति और यूके नियामक दोनों की सिफारिशों का पालन करते हुए वैक्सीन का परीक्षण ब्रिटेन में फिर से शुरू किया जाएगा। यह भी बताया गया है कि प्रतिभागी गोपनीयता के चलते बीमारी के बारे में चिकित्सा जानकारी का खुलासा नहीं किया जा सकता। 


उधर इस मामले में यूके की मेडिकल रिसर्च काउंसिल के कार्यकारी अध्यक्ष प्रोफेसर फियोना वाट ने कहा कि किसी भी नई दवा को विकसित करने में सुरक्षा का सबसे अधिक महत्व है। इसलिए यह बहुत आश्वस्त करने वाला है कि ऑक्सफोर्ड कोरोना वायरस वैक्सीन का परीक्षण एक स्वतंत्र सुरक्षा समिति और MHRA द्वारा समीक्षा के बाद फिर से शुरू होगा