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Twitter का बड़ा ऐलान, सरकार द्वारा नियंत्रित मीडिया और सरकारी अधिकारियों के अकाउंट्स होंगे लेबल


Twitter ने सरकारी द्वारा नियंत्रित मीडिया संगठनों के खातों और प्रमुख सरकारी अधिकारियों के अकाउंट्स को लिए नए लेबल देने की घोषणा की हैं। ट्विटर ने एक ब्लॉग पोस्ट में कहा, “हमारा मानना ​​है कि यह एक महत्वपूर्ण कदम है ताकि जब लोग किसी दूसरे देश की भूराजनीतिक मुद्दों पर चर्चा करते हुए देखते या पढ़ते हैं, तो उनका संदर्भ क्या है इसकी जानकारी हो, जिससे वें बेहतर तरह से मुद्दें को समझ सकें।

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के पांच स्थायी सदस्यों में चीन, फ्रांस, रूस, ब्रिटने और अमेरिका शामिल है। Twitter ने कहा कि उनकी लेबलिंग की नई नीति में इन पांच देशों से प्रमुख सरकारी अधिकारियों के अकाउंट्स शामिल होंगे जैसे कि विदेशी मंत्री, संस्थागत संस्थाएं, राजदूत, आधिकारिक प्रवक्ता और प्रमुख राजनयिक नेता आदि। आने वालें दिनों में और देशों को भी लेबल से जोड़ा जाएंगे।

इस कदम से जो अकाउंट्स लेबल होंगे, वे नोटिफिकेशंस या सर्च रिजल्ट में कम दिखाई देंगे। नए लेबल को ट्विटर खातों की दो श्रेणियों में बांट गया है। जिसमें पहली श्रेणी में प्रमुख सरकारी अधिकारियों के खाते शामिल हैं, जिनमें विदेशी मंत्री, संस्थागत संस्थाएं, राजदूत, आधिकारिक प्रवक्ता और प्रमुख राजनयिक नेता शामिल हैं। और दूसरी श्रेणी में सरकार से जुड़े मीडिया संस्थानों, उनके संपादकों और वरिष्ठ कर्मचारियों के खाते शामिल हैं। कंपनी ने कहा कि फिलहाल राज्य प्रमुखों के पर्सनल अकांउट्स को लेबल नहीं किया जा रहा है क्योंकि इनसे लोग पहले से ही वाकिफ हैं। कंपनी ने कहा, लेकिन इनके कार्यालयों से जुड़े संस्थागत अकांउट्स को लेबल किया जाएगा जिनमें चुनाव परिणामों के आधार पर परिवर्तन होते रहते हैं।

माइक्रो-ब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म Twitter ने कहा कि मीडिया आउटलेट्स के अकांउट्स, जहां सरकारें वित्तीय संसाधनों के माध्यम से संपादकीय सामग्री पर नियंत्रण करती हैं, जिन अकांउट्स पर प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रुप से राजनीतिक दबाव रहता है या उत्पादन और वितरण पर नियंत्रण रहता है उन सभी को लेबल किए जाएंगे। ट्विटर ने यह भी कहा कि सरकार द्वारा फंडेड लेकिन संपादकीय स्वतंत्रता रखने वाले मीडिया आउटलेट्स जैसे कि ब्रिटेन में बीबीसी और अमेरिका में एनपीआर को लेबल नहीं किया जाएगा।

जिन खातों को लेबल किया जाएगा ट्विटर की ओर से उसको सूचित कर दिया जाएगा और अगर अकाउंट ओनर को लगता है कि कंपनी ने कोई गलती की है तो वे सीधे तौर पर कंपनी से संपर्क कर सकते हैं।