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'पतंजलि IPL 2020!' हाँ दोस्तों सही सुना हो सकते है इस साल पतंजलि IPL की स्पॉन्सरशिप हासिल कर ले


Patanjali IPL: इंडियन प्रीमियर लीग यानी आईपीएल का 2020 का सीजन इस बार जरा और ज्यादा देसी हो सकता है। देसी के मायने ये नहीं है कि सिर्फ भारतीय खिलाड़ी ही इसमें शामिल होंगे। दरअसल, भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने आईपीएल के 13वें सीजन के लिए चीनी मोबाइल कंपनी वीवो के साथ साझेदारी तोड़ ली है। ऐसे में उपभोक्ता सामान बनाने वाली भारत की बड़ी कंपनी पतंजलि आयुर्वेद इस साल के मुख्य प्रायोजक की दौड़ में शामिल हो गई है।

चीनी कंपनी वीवो के जाने के बाद पतंजलि अपने लिए एक मौका देख रही है और वह आत्मनिर्भर भारत के तौर पर इस मौके को भुनाना चाहती है। कंपनी के अधिकारी ने इस बात की पुष्टि भी कर दी है। कंपनी के प्रवक्ता एसके तिजारावाला ने भी इस बात पर मुहर लगा दी है। तिजारावाला ने कहा, “हम इस बारे में सोच रहे हैं। यह वोकल फॉर लोकल की बात है। यह एक भारतीय ब्रांड को वैश्विक स्तर पर ले जाने की बात है और उसके लिए यही प्लेटफॉर्म है। हम इस दिशा में भी सोच रहे हैं।”
पतंजलि आयुर्वेद से जुड़े एक और बड़े अधिकारी हरीश बिजूर ने कहा है, “पतंजलि अगर IPL की मुख्य प्रायोजक बनती है तो इसमें आईपीएल और कंपनी दोनों को ज्यादा फायदा है। पतंजलि अगर स्पॉन्सरशिप हासिल कर लेती है तो इसे राष्ट्रीयता से जोड़ा जाएगा, क्योंकि इस समय चीन के खिलाफ देशभर में बड़ा भारी माहौल है। हालांकि, आइपीएल खाली मैदान में खेला जाएगा और वह भी देश से बाहर, लेकिन आईपीएल के टीवी के दर्शकों की संख्या करोड़ों में है।”
उन्होंने आगे कहा है, “कंपनियां जानती हैं कि यह काफी देखा जाता है और इसलिए इस आयोजन में विज्ञापन देकर अच्छे रिटर्न की उम्मीद की जाती है।” गौरतलब है कि पिछले सप्ताह बीसीसीआई और वीवो ने साल 2020 के आईपीएल सत्र के लिए अलग होने का फैसला किया था। इस साल का सत्र 19 सिंतबर से 10 नवंबर तक यूएई में खेला जाना है। इस बीच देश में चीनी उत्पादों के इस्तेमाल के खिलाफ बने माहौल के चलते ऐसा हुआ है।
IPL 2020 Start date
आईपीएल में मुख्य प्रायोजक के अधिकार से होने वाली सालाना कमाई बीसीसीआई और फ्रेंचाइजी के बीच आधी-आधी बांटी जाती है। वीवो ने साल 2018-2022 तक के पांच साल के लिए 2190 करोड़ रुपये में मुख्य प्रायोजक के अधिकार हासिल किए थे, यानी एक साल का करीब 440 करोड़ रुपये। हालांकि, अब चार महीने के लिए बीसीसीआई को आईपीएल का टाइटल स्पॉन्सर चाहिए, जिसके लिए बोली जल्द लगाएगी जाएगी। इसमें बाबा रामदेव शामिल हो सकते हैं।