गुंजन सक्सेना में हुआ IAF का अपमान?

IAF की तरफ से सेंसर बोर्ड को चिट्ठी लिख आपत्ति दर्ज करवाई है. खबरों के मुताबिक फिल्म के अंदर जो लड़का-लड़की में भेदभाव वाला मुद्दा उठाया गया है, उस बात से IAF इत्तेफाक नहीं रखती है. फिल्म में जरूर दिखाया गया है कि गुंजन सक्सेना को बतौर पायलट बनने के लिए काफी संघर्ष करना पड़ा था. उन पर तरह-तरह के तंज कसे गए थे,लेकिन IAF की मानें तो ऐसा कल्चर उनके यहां नहीं है. बताया तो ये भी गया है कि IAF की तरफ से गुंजन सक्सेना के रिलीज से पहले ही धर्मा प्रोडक्शन को कुछ आपत्तियां बताई गई थीं, लेकिन मेकर्स ने उन पर ध्यान नहीं दिया.

रक्षा मंत्रालय ने जताई आपत्ति

अब बताया जा रहा है कि सेंसर बोर्ड के साथ-साथ नेटफ्लिक्स को भी एक नोटिस भेजा गया है. वैसे ये पहली बार नहीं है जब किसी फिल्म को लेकर इस तरह की आपत्ति दर्ज करवाई गई हो. पिछले महीने रक्षा मंत्रालय की तरफ से भी सीबीएफसी को बताया गया था कि कुछ फिल्मों और साीरीज में भारतीय सेना की छवि को सही तरीके से नहीं दर्शाया जा रहा है. कहा ये भी जा रहा है कि प्रोडक्शन हाउस अगर कोई फिल्म सेना या फिर उससे जुड़े किसी मुद्दे पर बनाते हैं तो मंत्रालय से पहले नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट लेना चाहिए. ऐसा करने पर विचार किया जा रहा है.