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मान गए रूठे सचिन पायलट लेकिन फिर भी CM अशोक गहलोत को सता रहा ये डर


रूठे सचिन पायलट के मान जाने से राजस्थान में जारी सियासी संकट भले ही टल गया हो, मगर बीते दो-तीन दिनों में जो हालात दिखे हैं, वह इस बात की ओर इशारा कर रहे हैं कि शायद अब भी सबकुछ सही नहीं है। कांग्रेस आलाकमान के हस्तक्षेप और पार्टी के भीतर  सुलह होने के बाद करीब एक महीने की बाड़ेबंदी के बाद मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और सचिन पायलट खेमे के विधायक आखिरकर जयपुर लौट आए हैं। हालांकि अशोक गहलोत गुट के विधायक जयपुर आने के बाद फिर बाड़ाबंदी में ही हैं। मगर सचिन पायलट खेमे के विधायक किसी बाड़ाबंदी में नहीं है। इसके पीछे की वजह अशोक गहलोत का डर बताया जा रहा है। 

दरअसल, राजस्थान में पिछले कुछ समय से जिस तरह के सियासी घटनाक्रम देखने को मिले, अशोक गहलोत उससे पूरी तरह वाकिफ हैं और वह अपने विधायकों को बाड़ाबंदी से आजाद कर अंतिम समय में कोई रिस्क नहीं लेना चाहते हैं। इसकी वजह यह है कि कल यानी 14 अगस्त से राजस्थान विधानसभा का सत्र शुरू होने वाला है। जब तक फ्लोर टेस्ट का समय नहीं आता, तब तक ऐसी उम्मीद जताई जा रही है कि गहलोत खेमे के विधायक होटल में ही रहेंगे। राजनीतिक पंडितों की मानें तो अभी एक सप्ताह तक और गहलोत खेमे के विधायकों को होटल में रहना पड़ सकता है। सचिन पायलट और उनके समर्थक विधायकों की वापसी के बाद मुख्यमंत्री अशोक गहलोत सरकार के पास पूर्ण बहुमत है। बावजूद इसके मुख्यमंत्री अशोक गहलोत शुक्रवार से शुरू होने वाले विधानसभा सत्र में विश्वास मत हासिल करना चाहेंगे और कोई रिस्क नहीं लेना चाहेंगे।