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दिवाली पर देश को मिल सकती है कोरोना वैक्सीन: स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री हर्षवर्धन



दुनियाभर में कोरोना महामारी का कहर लगातार जारी है। हर रोज कोरोना संक्रमण के हजारों नए मामले सामने आ रहे हैं। कोरोना वायरस के मामलों की बढ़ती रफ्तार थमने का नाम नहीं ले रही है। ऐसे में दुनिया को कोरोना वैक्सीन से कई उम्मीदें है। इस बीच केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन (Harsh Vardhan) का बयान सामने आया है। स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने  दिवाली तक कोरोना को काबू में कर लेने की उम्मीद जताई है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने अनंत कुमार फाउंडेशन की तरफ से आयोजित 'नेशन फ‌र्स्ट' वेबिनार सीरीज को संबोधित करते हुए कहा कि डॉ. देवी प्रसाद शेट्टी और डॉ. सीएन मंजनाथ जैसे विशेषज्ञ शायद इससे सहमत होंगे कि अतीत में दुनिया में सामने आए अन्य वायरस की तरह कोरोना भी कुछ समय बाद स्थानिक हो जाएगा।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री (Harsh Vardhan) ने कहा कि इस महामारी ने हमें एक निश्चित सबक सिखाया है। इसने हमें सामान्य तरीके रहना सिखाया है। इसने हमें अपनी जीवन शैली के बारे में अधिक सावधान, अधिक सतर्क रहना भी सिखाया है। उन्‍होंने इस साल के अंत तक कोरोना वैक्सीन मिलने की उम्मीद भी जताई और कहा कि कोरोना वायरस की रोकथाम के लिए वैक्सीन हासिल करने की दौड़ में हम दुनिया के किसी देश से बहुत पीछे नहीं हैं।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री (Harsh Vardhan) ने बताया कि भारत में सात से आठ वैक्सीन पर काम हो रहा है। इनमें से तीन क्लीनिकल ट्रायल के चरण में पहुंच गई हैं और उम्मीद है कि इस साल के अंत तक हमें एक वैक्सीन मिल जाएगी। बता दें कि पहली वैक्सीन कोवाक्सिन (Covaxin) है जिसे भारत बायोटेक (Bharat Biotech) ने भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (Indian Medical Research Institute, ICMR) के साथ सयुक्त रूप से विकसित किया है।

दूसरी वैक्सीन का नाम जाइकोव-डी (Zykov-D) है जिसे जायडस कैडिला (Zydus Cadila) ने विकसित किया है। तीसरी वैक्सीन का नाम कोविशील्ड (Covishield) है जिसे ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय (Oxford University) द्वारा विकसित और सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (Serum Institute of India) पुणे और एस्ट्राजेनेका द्वारा संयुक्त रूप से निर्मित किया गया है। इसका ट्रायल फिलहाल पुणे में चल रहा है। एक वैक्सीन का ट्रायल तो तीसरे चरण में पहुंच गया है।