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क्या सच में फर्जी थी सुशांत की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट? एम्स के फॉरेंसिक चीफ ने उठाए गंभीर सवाल


सुशांत सिंह राजपूत केस (Sushant singh rajput) में सीबीआई की जांच रोजाना कोई ना कोई खुलासा कर रही हैं. एक्टर की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट को लेकर सीबीआई ने एम्स के फॉरेंसिक चीफ डॉ. सुधीर गुप्ता (Dr. Sudhir Gupta) से बात की है. सोर्सेस के अनुसार डॉ. सुधीर ने रिपोर्ट में टाइम स्टैंप ने होने को लेकर सवाल उठाए हैं. रिपोर्ट्स के अनुसार पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट पर टाइम स्टैंप नहीं लगाई गई है. इसके अलावा फॉरेंसिक चीफ ने ये भी सवाल किया कि मुंबई पुलिस ने पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट पर दूसरा कंसल्टेशन क्यों नहीं लिया. यही नहीं जिस तरह फॉरेंसिक के समय सबूतों को कलेक्ट किया गया, उसमें भी काफी खामियां है.

लैपटॉप और मोबाइल फोन 24 दिन बाद भेजे गए फॉरेंसिक लैब

सुशांत की रिपोर्ट को लेकर ये सवाल पहले भी उठ चुके हैं, हालांकि अब सीबीआई और फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स लीगली इन सवालों के जवाब तलाश रहे हैं. रिपोर्ट्स के अनुसार सुशांत के इलेक्ट्रॉनिक गैजेट जैसे लैपटॉप, मोबाइल फोन को टाइम पर लैब नहीं भेजा गया था. ये सारे गैजेट्स 24 दिन बाद चैकिंग के लिए फॉरेंसिक लैब भेजे गए थे. ऐसे में इन सभी गैजेट्स के साथ छेड़छाड़ का शक जताया जा रहा है.

पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट कई सवाल खड़े करती है, जो इस केस को और भी पेचीदा बना रही हैं.

पोस्टमॉर्टम से पहले सुशांत का कोरोना टेस्ट क्यों नहीं कराया गया ?
आमतौर पर शाम हो जाने के बाद पोस्टमोर्टम नहीं किया जाता है, फिर रात को पोस्टमॉर्टम करने की क्या वजह थी ?
इस तरह की किसी भी रिपोर्ट पर टाइम बहुत बड़ा रोल प्ले करता है, फिर डॉक्टर्स रिपोर्ट पर टाइम स्टैंप लगाना कैसे भुल गए ?

एम्स की फॉरेंसिक टीम सुलाझाएगी सुशांत केस की गुत्थी

बता दें कपूर अस्पताल के डॉक्टर्स ने इन सवालों के जवाब में कहा कि पुलिस के कहने पर उन्होंने जल्दबाजी में पोस्टमॉर्टम किया था. वहीं मुंबई पुलिस का कहना है कि उन्हें फाइनल रिपोर्ट नहीं मिली. खैर अब ये मामला सीबीआई के हाथ में है, जो एम्स की फॉरेंसिक टीम के साथ मिलकर सुशांत के गले और चेहरे पर लगे चोट के पैटर्न का विश्लेषण करेगी और इन्हें सबूतों के साथ मिलाने की कोशिश करेगी. रिपोर्ट के आधार पर फॉरेंसिक टीम मौत के कारणों को जांचने की कोशिश करेगी, जिसे पता चलेगा कि ये सुसाइड था या फिर मर्डर