इसके पीछे भी कई वजहें हैं. अमरनाथ की पवित्र गुफा कश्मीर घाटी में स्थित है. कहा जा रहा है कि जम्मू डिवीजन में कश्मीर घाटी की तुलना में कोरोना की स्थिति बेहतर है. कश्मीर घाटी में सुरक्षा भी एक प्रमुख मुद्दा था. अमरनाथ यात्रा रद्द किए जाने के पीछे यात्रा मार्ग पर कोई स्थायी ढांचा न होना भी प्रमुख वजह बताया जा रहा है. ऐसे में यात्रा संपन्न कराने के लिए प्रशासन को तीर्थयात्रियों की व्यवस्था पर ध्यान केंद्रित करना होता.

वैष्णो देवी के दर्शन के लिए जम्मू सरकार की ओर से जारी एसओपी के मुताबिक हर दिन अधिकतम 500 बाहरी श्रद्धालुओं को ही इजाजत दी जाएगी. साथ ही बाहर से आने वाले हर श्रद्धालु का स्वास्थ्य परीक्षण किया जाएगा. कहा जा रहा है कि इससे संक्रमण फैलने का खतरा कम होगा. श्रीमाता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड आइसोलेशन के लिए भी अलग प्रबंध कर सकता है. श्राइन बोर्ड कटरा से ही यात्रा मार्ग पर कई इमारतों का प्रबंधन कर भी रहा है.