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राजस्थान में बड़ी बीजेपी की मुश्किलें, वसुंधरा राजे ने दिल्ली में डाला डेरा


राजस्थान में अब तक कांग्रेस पार्टी की राज्य इकाई में ही दो फार की स्थिति थी. लेकिन अब बीजेपी में भी सब कुछ ठीक नहीं है. राज्य  की पूर्व सीएम और राजस्थान भाजपा की दिग्गज नेता वसुंधरा राजे सिंधिया का राजधानी दिल्ली में सियासी बैठको का दौर लगातार जारी है. जिससे राजस्थान के सियासी गलियारों में भी हलचल बढ़ गई है.

शनिवार को राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री और बीजेपी नेता वसुंधरा राजे सिंधिया ने दिल्ली में वरिष्ठ बीजेपी नेता राजनाथ सिंह से मुलाकात की. इससे पहले उन्होंने पार्टी नेता बीएल संतोष और बीजेपी के राष्टीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से भी मुलाक़ात की थी. इन मुलाकातों के दौर से दिल्ली से लेकर राजस्थान तक सियासत गरमाई है. बताया जा रहा है कि पूर्व सीएम राजे पार्टी के कुछ नेताओं की बयानबाजी से खफा है. और उन्होंने जेपी नड्डा से साफ तौर पर कह दिया है कि वे पार्टी के साथ हैं मगर स्वाभिमान से समझौता नहीं करेंगी.

उल्लेखनीय है कि कांग्रेस में मचे घमासान पर एक लंबे वक्त तक चुप्पी साधे रखी वसुंधरा राजे पर एनडीए के सहयोगी हनुमान बेनीवाल ने खुले तौर पर सीएम गहलोत के साथ गठजोड़ का आरोप लगाते हुए अशोक गहलोत सरकार को बचाने का आरोप लगाया था. उन्होंने पूर्व सीएम राजे के खिलाफ ट्विटर पर बीतें दिनों मुहीम छेड़ दी थी. हालाँकि यह पहला मौक़ा नहीं है जब हनुमान बेनीवाल ने ऐसा किया. वो इससे पहले भी वसुंधरा राजे पर कांग्रेस के लिए सॉफ्ट रुख रखने का आरोप लगाते रहे है.

इस सब के बीच राजस्थान में 14 अगस्त से विधानसभा का सत्र होना है. और कांग्रेस विधायकों के बारेबंदी पर कटाक्ष करने वाली बीजेपी ने अब अपने विधायकों को एकजुट करने की कवायद तेज कर दी है. शुक्रवार और शनिवार को बीजेपी के दर्जन भर से अधिक विधायक गुजरात भेजे गए है. विधायकों के गुजरात भेजे जाने पर राजस्थान बीजेपी के अध्यक्ष सतीश पूनिया ने कहा है कि बीजेपी विधायकों को गुजरात ले जाया गया क्योंकि अशोक गहलोत के नेतृत्व वाली राजस्थान में कांग्रेस सरकार बीजेपी विधायकों को लुभाने के लिए नैतिक और अनैतिक साधनों का उपयोग कर रही थी, अधिकारियों का इस्तेमाल कर रही थी.