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बड़ी खबर: भारतीय क्रिकेटर डोप टेस्ट में फेल, लग सकता है 4 साल का बैन


आमतौर पर क्रिकेट की दुनिया में डोप टेस्ट के मामले कम ही सामने आए हैं। हालांकि गाइडलाइंस के विरुद्ध जाकर कुछ इक्के-दुक्के खिलाड़ी प्रतिबंधित दवाओं का सेवन जरूर करते हैं। ऐसा ही एक मामला तब सामने आया, जब पिछले साल पृथ्वी शॉ डोप टेस्ट में फेल हो गए थे। पृथ्वी शॉ के बाद अब भारतीय महिला क्रिकेटर Anshula Rao भी डोप टेस्ट में फेल हो गई हैं। महिला क्रिकेटर को फिलहाल निलंबित कर दिया गया है। दरअसल, महिला क्रिकेटर ने प्रदर्शन बढ़ाने वाली दवा ली थी, जिससे नाडा ने बैन किया हुआ है। 1 साल पहले तक नाडा और क्रिकेट का कोई लेना-देना नहीं था। क्रिकेट पिछले साल ही नाडा के अधिकार क्षेत्र में आया है। तब से अब तक यह पहला केस है, जब कोई क्रिकेटर डोप टेस्ट में फेल हुआ है।

Anshula Rao मध्य प्रदेश टीम की एक ऑलराउंडर है और घरेलू टीम में कप्तानी करती हैं। महिला क्रिकेटर को इसी साल मार्च में टूर्नामेंट से बाहर भी किया गया था।
उल्लेखनीय है कि जब से वर्ल्ड एंटी डोपिंग बॉडी ने भारत की नेशनल डोप टेस्टिंग लैब को निलंबित किया है। तब से नाडा खिलाड़ियों के यूरिन सैंपल को दोहा में टेस्टिंग के लिए भेज रही है। महिला क्रिकेटर के सैंपल में एनाबॉलिक स्टेरॉयड N19-नोरैंड्रोस्टेरोन की मौजूदगी पाई गई है। यह नैंड्रोलोन की मेटाबोलाइट दवा है। दरअसल N19-नोरैंड्रोस्टेरोन प्रदर्शन को बढ़ाने के लिए एथलीटों द्वारा कंज्यूम की जा रही है। नैंड्रोलोन के अलावा इसमें तीन अन्य दवाएं भी मिलती हैं। बाकी की 3 दवाएं टेस्टोस्टेरॉन, स्टेनोज़ोल और मेथेडिएनो हैं। नैंड्रोलोन मांसपेशियों की वृद्धि और शक्ति बढ़ाने के साथ-साथ फास्ट रिकवरी के लिए यूज होती है।
महिला क्रिकेटर के विषय में बता दें कि Anshula Rao दाएं हाथ की मध्यम गति की गेंदबाज और दाएं हाथ की बल्लेबाज हैं। वो बीसीसीआई अंडर 23 ट्रॉफी में मध्य प्रदेश की कप्तानी भी कर चुकी हैं। खबर आ रही है कि महिला क्रिकेटर पर 4 साल का बैन लग सकता है। बैन का फैसला नाडा ही करेगा