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बाढ़ से बेहाल बिहार के 14 जिले, 40 लाख लोगों पर आई मुसीबत


बिहार में बाढ़ का कहर बढ़त ही जा रहा है। गुरुवार को बाढ़ से दो नए जिले सीवान और मधुबनी भी प्रभावित हो गए हैं। इस तरह अब राज्य के 14 जिलों के 108 प्रखंडों की 972 पंचायतें बाढ़ से प्रभावित हो गई हैं। इससे 40 लाख आबादी बाढ़ की चपेट में आई है। आपदा प्रबंधन विभाग के अपर सचिव रामचंद्रडु ने यह जानकारी दी।  

भूख और प्यास से बेहाल 50 हजार के अधिक लोग सड़क किनारे रहने को मजबूर
बिहार के गोपालगंज जिले के बरौली नगर निकाय के 21 वार्डों व प्रखंड के 55 गांवों में गंडक तबाही मचा रही है। इन गांवों के पचास हजार से अधिक लोग अपने घरों  को छोड़कर बांध या सड़कों के किनारे शरण लिए हुए हैं। ये सभी भय, भूख व प्यास की त्रासदी झेल रहे हैं। उनके लिए बारिश भी आफत बन कर बरस रही है। लेकिन ,प्रशासनिक मदद नाकाफी साबित हो रही है। हजारों बाढ़ पीड़तिों के पास खाना बनाने के लिए न अन्न है न रोशनी करने के लिए एक अदद मोमबत्ती। सड़क संपर्क चारों ओर से कटा हुआ है। गांवों में बीमार लोग, गर्भवती महिलाएं भी भगवान भरोसे हैं।  
बिहार में बाढ़ ने मचाई तबाही, अस्पताल से लेकर सरकारी दफ्तर तक सब जलमग्न
बाढ़ ने अब प्रलयकारी रूप लिया है। गंडक नदी का पानी नये इलाकों में प्रवेश करने लगा है। सबसे बदतर स्थिति सारण जिले के पानापुर प्रखंड की है। यहां की लगभग हर पंचायत बाढ़ की चपेट में है। प्रखंड मुख्यालय में बाढ़ के पानी पहुंचने के बाद यहां प्रखंड व अंचल कार्यालय को तरैया में शिफ्ट कर दिया गया है। प्रलयंकारी बाढ़ की विभीषिका से कराह रहे पानापुर के लोगों की स्थिति दिन-ब-दिन बदतर होते जा रही है। बाढ़ पीड़ितों का कहना है कि 2001 व 2017 में आयी बाढ़ से भी इसबार ज्यादा पानी है। यहां गांवों से लेकर प्रखंड मुख्यालय के अस्पताल पर सरकारी दफ्तर सब जलमग्न हैं। प्रखंड व अंचल कार्यालय को तरैया प्रखंड मुख्यालय के कन्या प्राथमिक विद्यालय में शिफ्ट किया गया है। इससे राहत व बचाव कार्य में परेशानी हो रही है।