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ऐसी क्या खास वजह है की UP-बिहार के कुख्यात बदमाश दिल्ली में ही सरेंडर करते हैं? जानें इस रिपोर्ट में


आखिर दिल्ली में ही क्यों सरेंडर करते हैं UP-बिहारके कुख्यात बदमाश.
उत्तर प्रदेश के कानुपर में 8 पुलिसवालों की हत्या का आरोपित और सूबे का नामी हिस्ट्री शीटर विकास दुबे (History Sheeter Vikash Dubey) दिल्ली की कोर्ट या फिर दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल के जरिये आत्मसमर्पण कर सकता है। मंगलवार को दिनभर मीडिया में यह खबर सुर्खियों में रही कि कुख्यात विकास दुबे अपने नेटवर्क के जरिये दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल के समक्ष समर्पण करने की कोशिश कर सकता है। दिल्ली की कोर्ट और दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल के समक्ष पहले भी बाहुबली और नामी हिस्ट्रीशीटर आत्मसमर्पण करते आए हैं। आइये जानते हैं कि आखिर क्यों उत्तर प्रदेश, बिहार और हरियाणा समेत अन्य राज्यों के कुख्यात बदमाश दिल्ली की कोर्ट या फिर स्पेशल सेल के समक्ष आत्मसमर्पण करने को तरजीह देते हैं।
कमजोर पड़ने पर राज्य पुलिस से डरने लगते हैं शातिर अपराधी
जानकारों की मानें तो उत्तर प्रदेश, बिहार, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान और जम्मू कश्मीर के अलावा पूर्वोत्तर के राज्यों के बड़े गैंगस्टरों को जब अपनी राज्य पुलिस से खतरा महसूस होता है। उस समय वे जान बचाने के लिए दिल्ली में स्पेशल सेल अथवा यहां की अदालत में समर्पण करते रहे हैं। दिल्ली पुलिस का कहना है कि विकास दुबे के उत्तर प्रदेश में मजबूत राजनीतिक संपर्क हैं। ऐसे में वह अपनी जान बचाने के लिए हर तरह का प्रयास करेगा। इसके लिए वह परिचित अधिवक्ताओं की भी मदद ले सकता है। बताया जाता है कि शातिर अपराधियों पर जैसे ही कानून का शिकंजा कसता है तो उनमें एनकाउंटर का डर समा जाता है। यही वजह है कि वे दिल्ली को सुरक्षित मानकर यहां पर आत्मसमर्पण करते हैं।
एनकाउंटर के डर से दिल्ली में करते हैं आत्मसमर्पण
पुलिस अधिकारियों की मानें तो उत्तर प्रदेश और बिहार में कानून व्यवस्था काफी सख्त हो गई है। बिहार में सत्तासीन नीतीश सरकार ने अपराधियों पर लगाम लगाने के लिए कानून सख्त कर दिए, जिसके बाद बदमाशों की सक्रियता थम गई है। इस तरह उत्तर प्रदेश में सत्तासीन योगी आदित्यनाथ के आदेश के बाद सूबे में ताबड़तोड़ एनकाउंटर हुए, जिसके बाद बदमाश काफी डर हुए हैं। ये एनकाउंटर अब भी जारी हैं। ऐसे में बदमाशों के लगातार  हो रहे एनकाउंटर से घबराहट स्वाभाविक है। दिल्ली में आत्मसमर्पण की सबसे बड़ी और अहम वजह यह भी है कि यहां पर हर स्तर की कानूनी मदद मिल जाती है। मीडिया भी यहां बहुत सक्रिय रहता है। सभी लोग सचेत रहते हैं। ऐसे में यूपी-बिहार के बदमाशों और बाहुबलियों के लिए यहां सरेंडर करना हर तरह से सुरक्षित रहता है।
दिल्ली में आत्मसमर्पण कर चुके हैं यूपी-बिहार के कई बाहुबली
मुन्ना बजरंगी, अनिल दुजाना व सुंदर भाटी समेत कई बड़े बदमाशों ने बड़ी वारदातों को अंजाम देने के बाद दिल्ली पुलिस के सामने आत्मसमर्पण किया है। पिछले साल ही जब बिहार पुलिस मोकामा के बाहुबली विधायक अनंत सिंह को गिरफ्तार करने के लिए सरगर्मी से तलाश कर रही थी और वो दिल्ली के साकेत कोर्ट पहुंच गए और आत्मसमर्पण कर दिया।  वहीं, बिहार पुलिस हाथ मलती रह गई।
मीडिया की सक्रियता के चलते भी दिल्ली में आत्मसमर्पण करते हैं बदमाश
गौरतलब है कि दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल अपने मजबूत नेटवर्क के दम पर सेल पहले भी कई गैंगस्टरों को विभिन्न राज्यों से दबोच चुकी है। दरअसल, दिल्ली में मीडिया बहुत सक्रिय रहता है। ऐसे में यहां पर बदमाशों-बाहुबलियों के लिए आत्मसमर्पण करना सुरक्षित रहता है।
दिल्ली में एनकाउंटर होते हैं कम
यूपी और बिहार की तुलना में दिल्ली में एनकाउंटर बेहद कम होते हैं। इसके अलावा, आत्मसमर्पण के बाद दिल्ली की तिहाड़ जेल में सुविधाएं अन्य राज्यों की जेलों की तुलना ज्यादा बेहतर हैं, इसलिए भी बदमाश यहां पर आत्मसमर्पण को तरजीह देते हैं। सबसे बड़ी बात कि यूपी-बिहार की पुलिस पर बदमाशों-बाहुबलियों को बेहद कम भरोसा होता है।