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CM योगी का एक और मास्टरप्लान, अब कोरोना हारेगा और UP जीतेगे


उत्तर प्रदेश में कोरोना मरीजों के लिए होम आइसोलेशन की सुविधा सरकार ने शुरू कर दी है। राज्य की योगी आदित्यनाथ सरकार ने इसके लिए एक गाइडलाइंस भी जारी कर दी है। सरकार एक निर्धारित प्रोटोकॉल के तहत हल्के लक्षण वाले मरीजों को होम आइसोलेशन की अनुमति देने जा रही है। इस संबंध में जानकारी देते हुए सीएम योगी ने कहा कि बड़ी संख्या में कोविड-19 के लक्षणरहित संक्रमित लोग बीमारी को छुपा रहे हैं, जिससे संक्रमण बढ़ सकता है। इसके मद्देनजर राज्य सरकार शर्तों के साथ होम आइसोलेशन की अनुमति देगी।

1-पात्रता
-इलाज करने वाले डाक्टर ने ऐसे व्यक्ति को लक्षणरहित रोगी के रूप में चिह्नित किया हो।
-ऐसे रोगी के निवास पर खुद को आइसोलेट करने और परिजनों को क्वारंटीन करने की सुविधा हो।
-घर में कम से कम दो शौचालय हों।
-एचआईवी, अंग प्रत्योरोपित, कैंसर का उपचार प्राप्त करने वाले कमजोर मरीज होम आईसोलेशन के पात्र नहीं होंगे।
-24 घंटे रोगी देखभाल करने के लिए एक व्यक्ति उपलब्ध हो।
2- क्या करना होगा
-सम्पूर्ण आईसोलेशन अवधि के दौरान देखभाल करने वाले व्यक्ति और सम्बंधित अस्पताल के बीच सम्पर्क बनाए रखना
 होम आईसोलेशन के लिए प्रमुख अनिवार्यता है।
-देखभाल करने वाले व्यक्ति और रोगी के नजदीकी  सम्पर्क में रहने वाले को प्रोटोकाल और उपचार देने वाले डाक्टर 
  की सलाह के अनुसार हाइड्राक्सीक्लोरोक्वीन प्रोफाइलेक्सिस लेनी होगी।
-लिंक www.mygov.in/aarogy.setu.app/ पर उपलब्ध आरोग्य सेतु मोबाइल एप को मोबाईल फोन परर डाउनलोड करना होगा।
-इस एप को ब्लू टूथ एवं वाई फाई के जरिये हमेशा सक्रिय रखना होगा।
-स्मार्ट फोन न होने की सूरत में रोगी की ओर से कंट्रोल रूम के टेलीफोन नम्बर पर अपने स्वास्थ्य की जानकारी देनी  होगी।