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इस भारतीय गेंदबाज से जावेद मियांदाद ने कहा था - तेरा कमरा नंबर क्या है, वहीं मारूंगा

मैदान के अंदर हो या बाहर, अपने क्रिकेट करियर के दौरान पाकिस्तान के पूर्व कप्तान जावेद मियांदाद सुर्खियों में बने रहते थे. उन्होंने अपनी तीखी टिप्पणियों से हमेशा ध्यान खींचा. मियांदाद से जुड़ी ऐसी ही एक घटना का खुलासा पूर्व भारतीय बाएं हाथ के स्पिनर दिलीप दोशी ने किया है, जब बल्लेबाजी करते हुए झल्लाए मियांदाद भारतीय गेंदबाज (दोशी) से पूछे बैठे थे कि तेरा कमरा नंबर क्या है.. ? मैं वहां गेंद मारना चाहता हूं. '
यह वाकया 1983 का है, जब पाकिस्तान की टीम भारत दौरे पर थी और सीरीज का पहला टेस्ट मैच बेंगलुरु में खेला जा रहा था. 72 साल के दिलीप दोशी ने एक वीडियो इंटरव्यू में भारत के पूर्व बाएं हाथ के स्पिनर मुरली कार्तिक से उस वाकए के बारे में विस्तार से बताया.
उन्होंने कहा, ' जावेद मियांदाद का रवैया किसी से छिपा नहीं था- वह 'स्ट्रीट फाइटर' वाला एटीट्यूड रखते थे. हालांकि वह महान बल्लेबाज थे. मैं वास्तव में एक प्रतिद्वंद्वी के रूप में उनका सम्मान करता हूं.' उन्होंने कहा, 'मैदान से बाहर हम दोनों अच्छे दोस्त होते थे, लेकिन मैदान पर उतरने के बाद वह बिल्कुल बदले हुए नजर आते थे.'
दोशी ने कहा, 'जब आप उन्हें (मियांदाद को) शॉट्स खेलने से रोकते थे, तो वह परेशान हो जाते थे और आपकी लय बिगाड़ने के लिए ध्यान भंग करने की कोशिश में लग जाते थे, जिसमें वह मंझे हुए थे. ऐसा के साथ किया... डेनिस लिली के साथ किया और उन्होंने मेरे साथ तो कई बार ऐसा किया.'
उन्होंने कहा, 'वह मुझे भड़काने के लिए सामने खड़े फील्डर से कुछ कहते थे, ताकि मुझ तक उनकी बात पहुंचे. गेंद फेंके जाने के बाद मुझे उकसाने की कोई कोशिश नहीं छोड़ते थे.'

दिलीप दोशी ने बताया, 'उस दिन बेंगलुरु टेस्ट (दोशी का वह आखिरी टेस्ट था) के दौरान मियांदाद ने मुझसे कुछ इस तरह कहा- तुम्हारा कमरा नंबर क्या है? मैं वहां गेंद मारना चाहता हूं'.' इसके बाद तो यह एक बड़ी बात हो गई... यह एक मजाक था. हालांकि इसके बाद इस वाकए को लोगों ने मिर्च-मसाला लगाकर फैलाया.'
दोशी ने कहा, 'उस मैच में मियांदाद मेरी गेंदों पर संघर्ष करते नजर आए. वह मुझे नहीं मार पा रहे थे.' आखिरकार उस पारी में मियांदाद 99 रन बनाकर आउट हो गए थे, उन्हें मदनलाल की गेंद पर सब्स्टीट्यूट के. श्रीकांत ने लपक लिया था.
सौराष्ट्र के दिलीप दोशी ने 33 टेस्ट और 15 वनडे मैचों में भारत का प्रतिनिधित्व किया और क्रमशः 114 और 22 विकेट लिये. उन्होंने 238 प्रथम श्रेणी मैचों में 898 विकेट निकाले. दोशी ने काउंटी क्रिकेट में लंबा समय गुजारा.
दिलीप दोशी ने काफी देर से टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण किया. वह उन चार गेंदबाजों में से एक हैं, जिन्होंने 30 साल की उम्र के बाद टेस्ट डेब्यू कर 100 विकेट के आंकड़े को छुआ. तीन अन्य गेंदबाज रहे- क्लैरी ग्रिमेट (ऑस्ट्रेलिया), सईद अजमल (पाकिस्तान) और रेयान हैरिस (ऑस्ट्रेलिया)