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बड़ी खबर: मध्य प्रदेश में पुलिस की बेरहम पिटाई से आहत एक दलित किसान दंपति खाया ने जहर


मध्य प्रदेश के गुना में एक दलित किसान दंपति की पुलिस ने बेरहमी से पिटाई की उसके बाद दंपति ने जहर खाकर आत्महत्या करने की कोशिश की. फिलहाल पति पत्नी दोनों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है. जहां पत्नी की हालत गंभीर बताई जा रही है. इस मामले में डीएम एसपी को हटाने के बाद अब शिवराज सरकार ने इस घटना में शामिल 6 पुलिसकर्मियों को भी सस्पेंड कर दिया है.
इस घटना का वीडियो लगाता सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है वीडियो में देखा गया है कि एक दंपति के साथ बच्चे घटनास्थल पर मौजूद है और रो रहे हैं लेकिन प्रशासन और पुलिस के अधिकारियों को उन पर जरा भी तरस नहीं आ रही है. बच्चों की लगातार चीख-पुकार के बावजूद भी पुलिस दंपति की पिटाई कर रही है.
बुधवार देर रात मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज चौहान ने जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक को पद से हटा दिया साथ ही 6 पुलिसकर्मियों को भी सस्पेंड कर दिया है.
आपको बता दें जमीन से अतिक्रमण हटाने के लिए पुलिस ने किसान परिवार पर लाठीचार्ज कर दिया. घटना के 2 दिन बाद पीड़ित की मां सामने आई और उन्होंने बताया कि 70 पुलिसकर्मी आए और कहा कि यह जमीन सरकार की है इसे खाली करो. इसके बाद हमने उनसे अनुरोध किया कि हमें पहले फसल की कटाई दे लेकिन उन्होंने गालियां दी और लाठीचार्ज कर दिया. उसके बाद उसके बेटे ने कीटनाशक दवाई पीकर आत्महत्या करने की कोशिश की. लेकिन पुलिस ने इस बात को नजरअंदाज कर दिया.
वही किसान के बेटे का कहना है कि उसके पिता ने पुलिस वालों से विनती की थी कि फसल काटने के बाद कार्यवाही कर ले लेकिन वह नहीं माने. मजबूर होकर मेरे माता-पिता ने जहर खा लिया.

इस घटना के बाद पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि बड़े दुख की बात है कि आज मध्यप्रदेश की पहचान दलितों पर अत्याचार से होने लगी है कि ये सरकार 'सौदे की सरकार' है जो घटना घटी वह बहुत दुखद है, इस सरकार को इसकी कोई चिंता नहीं है।"
लेकिन सोचने वाली बात है कि बड़े-बड़े सरकारी भवनों पर मंत्रियों ने कब्जा कर रखा है लेकिन उन्हें केवल एक नोटिस भेजा जाता है वही अगर कोई गरीब किसान परिवार दो वक्त की रोटी के लिए किसी जमीन पर रह रहा है तो उन्हें पुलिस कर्मियों द्वारा लाठी चार्ज करके हटाया जाता है.