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राजस्थान सियासी संकट: कैबिनेट मीटिंग समाप्त, मंत्री बोले राज्यपाल कौन होते हैं पूछने वाले कि सत्र क्यों बुलाया


राजस्थान में सियासी संकट के बीच प्रदेश के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के आवास पर कैबिनेट मीटिंग हुई। करीब ढाई घंटे तक हुई मीटिंग में विधानसभा सत्र बुलाने के संशोधित प्रस्ताव पर राज्यपाल द्वारा उठाए गए बिंदुओं पर चर्चा की गई। जिसके बाद राज्यपाल को तीसरी बार विधानसभा सत्र बुलाने का प्रस्ताव भेजा गया।

कैबिनेट बैठक खत्म होने के बाद राज्य सरकार में मंत्री प्रताप सिंह, हरीश चौधरी की ओर से बयान दिया गया कि हमें बहुमत साबित करने की जरूरत नहीं है, क्योंकि हम पहले से ही बहुमत में हैं। मंत्री ने कहा कि राज्यपाल कौन होते हैं पूछने वाले कि सत्र क्यों बुलाया जा रहा है।

अभी क्या है कांग्रेस का सियासी गणित

राजनीतिक संकट से पहले कांग्रेस के 107 विधायक थे। हालांकि अब स्थिति बिल्कुल अलग है। अभी सीएम गहलोत के पक्ष में 102 विधायक हैं जिनमें 88 कांग्रेस, 10 निर्दलीय, 2 बीटीपी, 1 आरएलडी, 1 सीपीएम से हैं। पायलट गुट में 19 कांग्रेस के बागी है और दो निर्दलीय है। इसके अलावा भाजपा प्लस के पास 72 भाजपा, 3 आरएलपी यानी कुल 75 विधायकों का समर्थन है। माकपा के एकलौते विधायक गिरधारी मईया फिलहाल सबसे अलग हैं।