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राजस्थान की राजनीति: 'ऑडियो टेप' में नाम आने के बाद पहली बार बोले केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत


राजस्थान में गुरुवार रात शुरू हुआ सियासी भूचाल थमने का नाम नहीं ले रहा है. कथित 'ऑडियो टेप' में नाम सामने आने के बाद केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने स्पष्टीकरण देते हुए कहा है कि वायरल ऑडियो टेप की आवाज उनकी नहीं है. और वो इसको लेकर किसी भी जाँच के लिए तैयार है. शुक्रवार सुबह को कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला ने कथित 'ऑडियो टेप' का जिक्र करते हुए राजस्थान सरकार को गिराने की कोशिश में भाजपा का हाथ बताया था. उन्होंने गहलोत सरकार को गिराने की साजिश में केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत के संलिप्तता की भी बात कही थी.
केंद्रीय मंत्री गजेंद्र शेखावत ने कथित 'ऑडियो टेप' को लेकर कहा, ऑडियो रिकॉर्डिंग में मेरी आवाज नहीं, मैं किसी भी जांच के लिए तैयार. उन्होंने कहा कि अगर मुझे पूछताछ के लिए बुलाया जाएगा तो जरूर जाउंगा. मैं कई संजय जैन को जानता हूं. ये कौन से संजय जैन की बात हो रही है. ये बताया जाए कि किस मोबाइल नंबर पर मेरी बात कराई गई. 
कांग्रेस पार्टी की ओर से किये गए प्रेस कांफ्रेंस में खुद सीएम अशोक गहलोत तो नजर नहीं आए. लेकिन रणदीप सुरजेवाला ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि भाजपा का चेहरा बेनकाब हो चुका है. पिछले एक महीने से विधायकों की खरीद फरोख्त की कोशिश हो रही थी. जनता द्वारा चुनी गई सरकार को गिराने की कोशिश की गई.  इसके जो TAPES सामने आए हैं, उससे साफ हो गया है कि बीजेपी द्वारा जनमत का अपहरण करने की कोशिश की जा रही थी.  
उन्होंने कहा कि बीजेपी का षड्यंत्र बेनक़ाब हो गया है, आडियो में भंवरलाल , संजय जैन और केंद्रीय मंत्री गजेंद्र शेखावत की आवाज़ है. कांग्रेस नेता सुरजेवाला ने कहा, हम मांग करते हैं कि केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत के ख़िलाफ़ SOG द्वारा मुक़दमा हो, अगर वो जांच में ग़लत पाए जाएं तो उनकी गिरफ़्तारी हो. कांग्रेस प्रवक्ता ने बताया कि भवंरलाल, विश्वेंद्र सिंह को कांग्रेस पार्टी से निलंबित कर दिया है, इसके साथ ही दोनों को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया गया है.

बता दें कि गुरुवार देर रात को विधायकों की खरीद-फरोख्त से जुड़ी बातचीत के तीन ऑडियो वायरल हुए. इन ऑडियो में एक व्यक्ति खुद को संजय जैन और दूसरा खुद को गजेंद्र सिंह बता रहा है. दो ऑडियो में बातचीत राजस्थानी में है. जबकि तीसरे में हिंदी और अंग्रेजी में बातचीत हो रही है. ऑडियो को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं और ये कब के है, इस पर भी सस्पेंस बरक़रार है.
इस सब के बिच मरुधरा की सियासत में जारी घमासान हाईकोर्ट के दरवाजे तक पहुँच गई है. आज हाइकोर्ट में सचिन पायलट सहित उनके कैंप के 19 विधायकों की याचिका पर दोबारा सुनवाई होना है. हाईकोर्ट में सुनवाई से पहले मुख्यमंत्री अशोक गहलोत एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित कर सकते हैं.
बता दें कि सचिन पायलट सहित उनके समर्थक मंत्री के पद से बर्खास्तगी के बाद कांग्रेस ने तमाम बागी विधायकों के सदस्यता को ख़त्म करने के लिए राजस्थान विधानसभा के स्पीकर से अनुरोध किया था. जिसको लेकर स्पीकर डॉ सीपी जोशी ने बागी विधयाकों को नोटिस जारी कर सवाल किया था कि क्यों न आपकी सदस्यता ख़त्म कर दी जाए. जवाब देने के लिए शुक्रवार तक का समय दिया गया था. लेकिन इससे पहले स्पीकर के नोटिस को बागी विधयाकों ने हाईकोर्ट में चुनौती दिया है. ऐसे में अब सबकी निगाहें शुक्रवार दोपहर 1 बजे हाइकोर्ट की डबल बेंच में होने वाली सुनवाई पर टिकी है.