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राजस्थान की सियासी जंग में मायावती की एंट्री, कांग्रेस को हो सकता है बड़ा नुकसान


बसपा प्रमुख मायावती ने मंगलवार को कहा कि दुख की बात है कि अशोक गहलोत ने अपने मुख्यमंत्री बनने के बाद अपनी बदनियत से बसपा को राजस्थान में गंभीर नुकसान पहुंचाने के लिए हमारे 6 विधायकों को असंवैधानिक तरीक से कांग्रेस में विलय करने की गैर कानूनी कार्यवाही की है और यही गलत काम उन्होंने पिछले कार्यकाल में भी किया था। मायावती ने कहा कि कांग्रेस का ये कार्य संविधान की 10वीं अनुसूचि के खिलाफ है इसलिए बसपा के द्वारा 6 विधायकों को व्हिप जारी कर निर्देशित किया गया है कि ये सदन में कांग्रेस के खिलाफ ही मत डालेंगे। बसपा ने ये निर्णय कांग्रेस के द्वारा बार-बार धोखा दिए जाने के कारण ही लिया है। बकौल मायावती इस कारण से इनकी (कांग्रेस) अब सरकार रहती है या नहीं रहती है इसका दोष अब पूर्ण रूप से कांग्रेस और उनके मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का ही होगा।

अभी क्या है कांग्रेस का सियासी गणित, जानिए 

राजनीतिक संकट से पहले कांग्रेस के 107 विधायक थे। हालांकि अब स्थिति बिल्कुल अलग है। अभी सीएम गहलोत के पक्ष में 102 विधायक हैं जिनमें 88 कांग्रेस, 10 निर्दलीय, 2 बीटीपी, 1 आरएलडी, 1 सीपीएम से हैं। पायलट गुट में 19 कांग्रेस के बागी है और दो निर्दलीय है। इसके अलावा भाजपा प्लस के पास 72 भाजपा, 3 आरएलपी यानी कुल 75 विधायकों का समर्थन है। माकपा के एकलौते विधायक गिरधारी मईया फिलहाल सबसे अलग हैं।