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निराशा के इस दौर में ये 10 काम करके आप फैला सकते है आशा की नई किरण


हमारी आस जब कमजोर होने लगती है तो हर चलती सांस भारी हो जाती है। निराशा बढ़ती जाती है। बेचैनी में हम वो सब भी नहीं कर पाते, जो कर सकते थे। कभी हम समस्याओं से घिरे होते हैं तो कभी आसपास के लोग हिम्मत हारने लगते हैं। और ऐसे ही नाजुक पलों में उम्मींदों के घरौंदे बनाना जरूरी हो जाता है।

न्यूजीलैंड की लेखिका क्रिस्टन जंबूका कहती हैं, 'हमारी सोच के उलट एक पूरी दुनिया हमारे भीतर कसमसा रही होती है। भीतर की उस दुनिया को बदलकर ही हम बाहर की दुनिया बदल सकते हैं। आइए जानते हैं आखिर कैसे कोई व्यक्ति अपने साथ बाकी लोगों को भी पॉजिटिव रखकर उन्हें सफलता दिलाने में मदद कर सकता है। 
Success Mantra:निराशा के इस दौर में सफलता ...

-दूसरों की कोशिशों की तारीफ करें। उन्हें खास होने का एहसास कराएं। 
-दूसरों सें, खासकर अपने सहायकों से मुस्कराते हुए बातें करें। हाल-चाल पूछें। 
-कोई दुख सुना रहा है तो सभंलकर बातें करें। कड़वी बातों से निराशा न बढ़ाएं। 
-अच्छा एहसास कराने वाली खबरें दूसरों को सुनाएं। सोशल मीडिया एकाउंट से शेयर करें।  
-दूसरों को सुनें। अकेला न छोड़ें। हौसला बढ़ाएं। 
-दूसरों के अहं को ठेस पहुंचाने वाली बातें न करें।
-हंसने-हंसाने के मौके ढूंढ़ें।
-बातों को मन से न लगाएं। 
-कोई बीमार है या अकेला है तो उनकी जरूरतों का ध्यान रखने की कोशिश करें। 
-दूसरों को अच्छी राय दें।