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बचपन में कचरा उठाने से लेकर दुनिया का सबसे बड़ा टी20 बल्लेबाज बनने तक का सफर तय किया है क्रिस गेल ने


कौन कहता है कि आसमां में सुराख नहीं हो सकता, एक पत्थर तो तबीयत से उछालो यारों. ये कहावत अगर किसी क्रिकेटर ने सच की है तो वो हैं वेस्टइंडीज के धाकड़ बल्लेबाज क्रिस गेल (Chris Gayle). क्रिस गेल आज बेहद ही मस्तमौला लाइफ जीते हैं. उनका जमैका में अपना बहुत बड़ा घर है, जिसमें हर तरह की सुविधाएं हैं लेकिन आपको ये जानकर हैरानी होगी कि ये खिलाड़ी बचपन में इतना गरीब था कि उसे खाना खाने के लिए चोरी तक करनी पड़ी. क्रिस गेल ने पेट पालने के लिए कचरा तक उठाया और उनकी मां सड़क पर मूंगफली बेचती थी.

क्रिस गेल की गरीबी
आज क्रिस गेल (Chris Gayle) जमैका की राजधानी किंग्सटन में एक आलीशान घर के मालिक हैं. उनके पास कई कार हैं, वो करोड़पति हैं लेकिन उनका बचपन इतनी गरीबी में बीता, जिसका अंदाजा तक लगाना फैंस के लिए मुश्किल है. क्रिस गेल का जन्म एक बेहद ही गरीब परिवार में हुआ उनकी मां मूंगफली बेचा करती थीं. क्रिस गेल का पूरा परिवार एक कच्ची झोपड़ी में रहता था. गरीबी के चलते गेल अपनी पढ़ाई तक पूरी नहीं कर पाए. वो 10वीं क्लास तक ही पढ़े क्योंकि उनके माता-पिता के पास स्कूल फीस भरने के लिए पैसे नहीं थे. गेल ने बताया कि उन्हें अपना पेट पालने के लिए सड़क पर कचरा तक बीनना पड़ा. वो प्लास्टिक की बोतल उठाते थे और उन्हें बेचते थे.

क्रिस गेल (Chris Gayle) ने एक इंटरव्यू में खुलासा किया था कि एक बार उन्हें बहुत भूख लगी और घर पर खाने के लिए कुछ नहीं था. उनकी जेब में पैसे नहीं थे तो उन्हें पेट भरने के लिए चोरी तक करनी पड़ी. गेल अपने बचपन की कहानी बताते हुए उस इंटरव्यू में रो पड़े थे. गेल ने बताया कि अगर वो क्रिकेट नहीं खेलते तो उनकी जिंदगी आज भी सड़कों पर ही कटती. क्रिस गेल ने 1998/99 में फर्स्ट क्लास क्रिकेट में डेब्यू किया और साल 1999 में ही उन्होंने वेस्टइंडीज की टीम में जगह बना ली. गेल ने जब इंटरनेशनल क्रिकेट खेलना शुरू किया तो उसके 6 साल बाद उन्हें एक बार फिर बड़ा सदमा लगा. गेल को पता चला कि उनके दिल में छेद है. बस फिर क्या था गेल ने अपनी जिंदगी और खेलने का तरीका ही बदल लिया और उसके बाद वो दुनिया के सबसे खतरनाक बल्लेबाज बन गए.