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बड़ी खुशखबरी: ऑक्‍सफोर्ड यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने बंदरों पर किया वैक्‍सीन का सफल परीक्षण

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कोरोना वायरस वैक्‍सीन प्रोजेक्‍ट को लेकर ऑक्‍सफोर्ड यूनिवर्सिटी (Oxford University) ने टेस्‍ट किया। वहां के शोधकर्ताओं ने शुरुआत में बंदरों के एक समूह पर यह टेस्‍ट किया। उसमें सफलता भी मिली। इस टेस्ट के दौरान पाया गया कि यह कोरोना वायरस पर काम कर रहा है। टेस्‍ट में शामिल शोधकर्ताओं ने शुक्रवार को बताया कि वैक्सीन ने बंदरों की प्रतिरक्षा प्रणाली को कई घातक वायरस से बचाने के लिए बेहतर संकेत दिए हैं और कोई प्रतिकूल प्रभाव के संकेत भी नहीं दिखाए हैं। मिली जानकारी के अनुसार, अब इस वैक्‍सीन का ट्रायल इंसानों पर भी किया जा रहा है। गौरतलब है कि वैश्विक स्‍तर पर कोविड-19 से लड़ने के लिए इस समय 100 से अधिक टीकों पर लगातार शोध चल रहा है। 
बंदरों पर किया गया टेस्‍ट- 
शोधकर्ताओं ने बताया कि, टेस्‍ट के दौरान छह बंदरों को कोरेाना वायरस का भारी भरकम डोज देने से पहले उन्‍हें यह वैक्‍सीन लगाया गया। इसका अलग-अलग बंदरों पर अलग प्रभाव देखने को मिला। इस टेस्ट में शामिल शोधकर्ताओं ने पाया कि वैक्‍सीन लगाने के तुरंत बाद कुछ बंदरों के शरीर में 14 दिनों में एंटीबॉडी विकसित हो गई थी। बता दें कि, इस टेस्ट में एकल टीकाकरण की खुराक भी फेफड़ों को नुकसान को रोकने में काफी प्रभावी थी। वैसे अंग जो कोरोना वायरस से से प्रभावित हो सकते थे, वे सही सलामत रहे। इस टीके ने कोरोना वायरस (corona virus) को शरीर में बढ़ने से रोका लेकिन बाद में यह भी पाया गया कि वायरस अभी भी नाक में पूरी तरह सक्रिय था। 
शोधकर्ताओं ने पाया कि कोविड-19 के उच्च स्तर के संपर्क में आने के बाद भी इस टेस्ट में शामिल छह बंदरों में से किसी को भी वैक्सीन विकसित वायरल निमोनिया नहीं दिया गया था। इसके साथ ही इस बात का भी कोई संकेत नहीं था कि वैक्सीन (corona vaccine) ने बंदरों को अधिक कमजोर बना दिया था। लेकिन विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि यह देखा जाना चाहिए कि क्या यह मनुष्यों में उतना ही प्रभावी है, जितना बंदरों में देखा गया था। ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी (Oxford University) के जेनर इंस्टीट्यूट में वैक्सीन की प्रोफेसर सारा गिल्बर्ट ने कहा है कि उन्हें वैक्सीन में आत्मविश्वास की बड़ी डिग्री प्राप्त है। हमें जल्द ही इसका टेस्‍ट करना होगा और मनुष्यों से डेटा प्राप्त करना होगा। ताकि जल्द से जल्द कोरोना वायरस (corona virus) पर रोक लगाया जा सके।