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सचिन के दोहरे शतक के सबसे बड़े राज़ से डेल स्टेन ने उठा दिया परदा, सचिन पहले ही हो गए थे आउट लेकिन अंपायर ने नहीं दिया

Sachin Tendulkar 100
वनडे इंटरनेशनल मैचों को शुरू हुए करीब 4 दशक बीत गए थे, लेकिन कोई भी बल्लेबाज क्रिकेट के इस फॉर्मेट में 200 रन नहीं बना सका था। हालांकि, महिला एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैच में एक खिलाड़ी ने दोहरा शतक जरूर ठोका था, लेकिन पुरुष क्रिकेट में पहली बार दोहरा शतक क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर ने साल 2010 में ठोका था। इसके बाद से कई दोहरे शतक वनडे इंटरनेशनल क्रिकेट में जड़े जा चुके हैं, लेकिन जिस शख्स ने पहली बार वनडे मैच में 200 का स्कोर छूआ वो एक अलग कीर्तिमान था।

भारतीय टीम के सलामी बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर ने ग्वालियर के मैदान पर 24 फरवरी को 2010 में साउथ अफ्रीका के खिलाफ तीन मैचों की वनडे सीरीज के दूसरे मुकाबले में नाबाद दोहरा शतक ठोका था। अब साउथ अफ्रीकाई टीम के तेज गेंदबाज ने कहा है कि सचिन तेंदुलकर ने ये दोहरा शतक अंपायर के डर और गलती के कारण पूरा किया था, क्योंकि वे दोहरे शतक से पहले ही आउट हो चुके थे और अंपायर ने दबाव में उनको आउट नहीं दिया था।
दरअसल, दक्षिण अफ्रीकाई टीम के तेज गेंदबाज डेल स्टेन ने दावा किया है कि अंपायर इयान गोल्ड ने 2010 में भारतीय दर्शकों की प्रतिक्रिया के डर से उस समय सचिन तेंदुलकर को जान बूझकर आउट नहीं दिया था, जब वह वनडे क्रिकेट में ऐतिहासिक दोहरे शतक की ओर थे। डेल स्टेन ने कहा कि उस समय सचिन दोहरे शतक से 10 रन पीछे थे, जब उन्होंने सचिन को एलबीडब्ल्यू आउट कर दिया था, लेकिन मैदानी अंपायर इयान गोल्ड ने अंगुली नहीं उठाई।
साउथ अफ्रीकाई टीम के दिग्गज खिलाड़ी ने कहा है, "सचिन तेंदुलकर ने ग्वालियर में हमारे खिलाफ वनडे क्रिकेट में पहला दोहरा शतक बनाया। मुझे याद है कि वह 190 के आसपास था तब मैंने उन्हें आउट कर दिया था। इयान गोल्ड अंपायर थे और उन्होंने सचिन को नॉटआउट करार दिया था। जब मैंने उनसे पूछा कि आउट क्यों नहीं दिया तो उनका इशारा यह था कि आसपास देखो, सचिन को आउट दे दिया तो होटल वापस नहीं जा सकूंगा।"