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कोरोना कम था जो अब मौसम भी अपने तेवर दिखा रहा है, 40 km की रफ्तार से चल सकती है हवा

NewsPoint
पश्चिमी विक्षोभ के चलते रविवार सुबह दिल्ली-एनसीआर में मौसम पूरी तरह बदला नजर आया। सुबह से छाए बादल दिल्ली के कुछ इलाकों के साथ गाजियाबाद, नोएडा, गुरुग्राम, फरीदाबाद, पलवल और बल्लभगढ़ में जमकर बरसे। यह बारिश पिछले एक घंटे से भी अधिक समय से जारी रही। तेज हवाओं के साथ हुई बारिश के बाद मौसम सुहाना हो गया है।
फरीदाबाद और गुरुग्राम में मौसम का मिजाज पूरी तरह से बदल गया है। यहां पर हो रही बारिश ने मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल दिया है। गाजियाबाद और नोएडा में भी बारिश के बाद अब हवाएं लोगों को गर्मी से राहत दे रही हैं।
वहीं, भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (India Meteorological Department) ने दिल्ली के साथ-साथ नोएडा, गाजियाबाद, फरीदाबाद, गुरुग्राम, सोनीपत और रेवाड़ी, महेंद्रगढ़ आदि जिलों में सोमवार को भी बारिश की संभावना जताई है।
40 km की रफ्तार से चल सकती है हवाइसी के साथ मौसम विभाग के मुताबिक, बदले मिजाज के चलते रविवार से लेकर मंगलवार तक 30 से 40 किलोमीटर की रफ्तार से तेज हवा चल सकती है। इस दौरान दिन भर बादल छाए रह सकते हैं। सोमवार को मौसम विभाग ने बारिश की संभावना भी जताई है।
शनिवार को 20 किलोमीटर की तेज रफ्तार से हवा चली। हल्की धूप भी छाई। दिल्ली के सफदरजंग एयरपोर्ट पर अधिकतम तापमान सामान्य से एक डिग्री कम के साथ 37.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। न्यूनतम तापमान सामान्य के साथ 24.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। हवा में अधिकतम नमी का स्तर 85 फीसद और न्यूनतम नमी का स्तर 47 फीसद दर्ज हुआ। मौसम विभाग के अनुसार रविवार को दिन भर बादल छाए रहे सकते हैं। हल्की बारिश होने की उम्मीद है। वहीं अधिकतम तापमान 38 डिग्री और न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।
सात मई तक मौसम ऐसा रहने की उम्मीद 

नई दिल्ली के प्रादेशिक मौसम पूर्वानुमान केंद्र के प्रमुख डॉ. कुलदीप श्रीवास्तव ने बताया है कि उत्तर भारत में पश्चिमी विक्षोभ के आने के कारण दिल्ली और आसपास के इलाकों में 7 मई तक बादल छाए रह सकते हैं और इस दौरान दिल्ली में हल्की बारिश होने की उम्मीद है। 4 और 5 मई को 50 से 60 किलोमीटर की रफ्तार से हवा चलने की संभावना है।
कम रह सकता है प्रदूषण का स्तर
वहीं पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के प्रोजेक्ट सफर में शनिवार को पीएम 2.5 प्रदूषित कणों का स्तर 41 माइक्रो ग्राम क्यूबिक मीटर (एमजीसीएम) दर्ज हुआ। इसका सामान्य स्तर 60 एमजीसीएम होता है। मौसम वैज्ञानिकों ने उम्मीद जताई है कि आने वाले दो दिनों तक इसी तरह से प्रदूषण का स्तर कम रह सकता है।