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किम जोंग-उन से भी ज्यादा खतरनाक और तेजतर्रार हैं उनकी छोटी बहन किम यो-जॉन्ग, इस देश को बता चुकी हैं ‘भौंकता कुत्ता’

नॉर्थ कोरिया. कम्युनिस्ट शासन वाला देश. यहां के सुप्रीम लीडर हैं किम जोंग-उन. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, किम जोंग की हार्ट सर्जरी हुई है और वो गंभीर रूप से बीमार हैं. की रिपोर्ट कहती है कि ऐसी कयासबाजी तब शुरू हुई, जब वो 15 अप्रैल को अपने दादा और नॉर्थ कोरिया के फाउंडिंग फादर किम इल-संग के जन्मदिन पर नहीं दिखाई दिए. CNN ने भी यही कहा. साउथ कोरिया में सोल के अख़बार ‘डेली NK’ ने लिखा कि किम जोंग को 12 अप्रैल को अस्पताल में भर्ती किया गया. इन दावों को नॉर्थ कोरिया की तरफ से ख़ारिज कर दिया गया है. स्टेट न्यूज़ एजेंसी KCNA ने कहा कि 11 अप्रैल को किम ने कोरोना वायरस को लेकर एक बैठक की अध्यक्षता की थी.
लेकिन धुआं तो उठा है
किम के गंभीर रूप से बीमार होने की खबर के साथ चर्चा है कि नॉर्थ कोरिया की सत्ता में एक बड़ा बदलाव होने वाला है, वहां वैसे भी एक परिवार का शासन है. नॉर्थ कोरिया बना तो किम के दादा किम इल-सुंग पहले सुप्रीम लीडर बने. इसके बाद उनके बेटे किम जोंग-इल आए. अब किम जोंग-उन तीसरी पीढ़ी के सुप्रीम लीडर हैं. अब सवाल है कि किम जोंग-उन के बाद कौन?
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जवाब भी किम के परिवार में ही है
किम यो-जॉन्ग. किम जोंग-उन की छोटी बहन हैं. सरकार में अच्छा खासा दखल रखती हैं. 2017 में उन्हें वर्कर्स पार्टी की सेंट्रल कमिटी में प्रमोट किया गया गया था. कुछ एक्सपर्ट्स का कहना है कि अभी चीज़ें उतनी साफ नहीं हैं, लेकिन आगे चलकर सत्ता को लेकर वर्चस्व की लड़ाई भी हो सकती है. किम जोंग-उन के एक बड़े भाई भी हैं, लेकिन राजनीति में उनकी दिलचस्पी नहीं है.
माना जाता है कि किम जोंग-उन के तमाम फैसलों के पीछे उनकी बहन यो-जॉन्ग ही होती हैं. यो-जॉन्ग काफी लो प्रोफाइल रहती हैं. 2010 तक वो सार्वजनिक रूप से दिखी ही नहीं. 2010 में पार्टी की एक कॉन्फ्रेंस में उनकी तस्वीर ली गई. इसके बाद 2011 में वो पिता किम जोंग-इल के अंतिम संस्कार में शामिल हुई थीं.
स्विटज़रलैंड में पढ़ाई हुई
1987 में पैदा हुईं यो-जॉन्ग की शुरुआती पढ़ाई स्विट्ज़रलैंड में हुई है. किम जोंग के साथ. किम इल-सुंग यूनिवर्सिटी से यो-जॉन्ग ने कंप्यूटर साइंस में ग्रैजुएशन किया. 2007 से वो पार्टी की गतिविधियों में शामिल हुईं. पिता किम जोंग-इल को 2008 में दो बार दिल का दौरा पड़ा, तब उनके उत्तराधिकारी के लिए चुनाव हुआ, इस चुनाव में वो अपने भाई के साथ नज़र आईं.
किम जोंग की परछाईं
यो-जॉन्ग के बारे में आधिकारिक जानकारियां काफी अंडरकवर रखी जाती हैं. लेकिन पार्टी और सरकार में उनका कद लगातार बढ़ा है. साउथ कोरिया से नॉर्थ कोरिया के संबंध ठीक नहीं हैं, लेकिन 2018 में प्योंगचांग विंटर ओलंपिक में वो साउथ कोरिया गई थीं. साउथ कोरिया के प्रेसिडेंट मून जेई-इन से मिलीं. वर्कर्स पार्टी के प्रचार-प्रसार और किम की पब्लिक इमेज चमकाने के पीछे उन्हीं का दिमाग माना जाता है. किम जोंग उन पर काफी भरोसा करते हैं और काफी समय से वो किम के साथ नज़र आती दिख रही हैं. 2014 में किम जोंग-उन बीमार हुए तो रिपोर्ट आईं कि सारी जिम्मेदारी उन्होंने ही संभाली थी.
जब साउथ कोरिया को ‘भौंकने वाला कुत्ता’ बोल दिया
इस साल मार्च में नॉर्थ कोरिया ने लाइव फायर मिलिटरी एक्सरसाइज और मिसाइल फायरिंग एक्सरसाइज की थी. साउथ कोरिया ने इसका विरोध किया था. जिस पर यो-जॉन्ग ने कहा था, “नॉर्थ कोरिया के मिसाइल टेस्ट पर दक्षिण कोरिया की शिकायत ऐसी है, मानो कोई डरा हुआ कुत्ता भौंक रहा हो.” ये यो-जॉन्ग का पहला आधिकारिक रूप से दर्ज बयान है. द गार्जियन के मुताबिक, सोल की योनसेई यूनिवर्सिटी में रिसर्च फेलो यंगशिक बॉन्ग कहते हैं,
इससे पता चलता है कि किम जोंग-उन ने  साउथ कोरिया के बारे में ऐसा बयान देने के लिए हामी भरी. ज़ाहिर है कि वो अपनी बहन को अपना ऑल्टर ईगो बनाने के लिए तैयार हैं.
अमेरिका ने किया ब्लैकलिस्ट
डॉनल्ड ट्रंप के साथ दो समिट में किम जोंग-उन के साथ यो-जॉन्ग रहीं. इसी साल जनवरी में उन्हें पार्टी के शक्तिशाली पोलितब्यूरो में प्रमोट किया गया. KCNA के मुताबिक, एक साल पहले उन्हें पोलितब्यूरो से हटा दिया गया था और लो प्रोफाइल रहने को कहा गया था. क्योंकि डीन्यूक्लराइजेशन को लेकर ट्रंप और किम के बीच हनोई में हुई दूसरी मीटिंग असफल हो गई थी. मानवाधिकार उल्लंघन के आरोपों में 2017 में यो-जॉन्ग को अमेरिका ने ब्लैकलिस्ट भी कर दिया था.
जानकारों को लगता है कि अगर कभी किम की असमय मृत्यु होती है, तो शायद उनकी बहन सत्ता संभालें. हालांकि, नॉर्थ कोरिया में अब तक पितृसत्ता ही रही है, ऐसे में ये भी कहा जा रहा है कि जब तक किम के तीनों बच्चे बड़े नहीं हो जाते, हो सकता है तब तक यो-जॉन्ग सत्ता संभालें.