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वैज्ञानिकों की चेतावनी इस मौसम में दोबारा अटैक कर सकता है कोरोना वायरस

covid 19
लॉकडाउन खत्म होने के कुछ दिन बाद कोरोना संक्रमण मामलों की रफ्तार कम होती दिख सकती है लेकिन जुलाई के अंत में भारत में कोरोना वायरस (corona virus) का दूसरा दौर सामने आ सकता है। वैज्ञानिकों का इस पर कहना है कि मानसून के दौरान संक्रमण (corona infection) के मामलों की संख्या बढ़ सकती है।
उन्होंने कहा है कि, कोरोना संक्रमण को देश से खत्म करना केवल इस बात पर निर्भर करेगा कि पूरा देश लॉकडाउन और सामाजिक दूरी (social distancing) को किस प्रकार नियंत्रित करता है। शिव नादर विश्वविद्यालय के सह प्राध्यापक समित भट्टाचार्य ने गुरुवार शाम मीडिया से खास बातचीत में कहा कि, ''स्पष्ट तौर पर नजर आ रहा है कि कोरोना संक्रमण (corona infection) के मामलों के बढ़ने की दर काफी स्थिर हो गयी है और यह आने वाले कुछ समय में नीचे की तरफ जाएगा।”

समित भट्टाचार्य ने आगे कहा, इस महामारी का दूसरा दौर जुलाई में मॉनसून में देखने को मिल सकता है। हालांकि कोरोना वायरस (corona virus) से मुक्ति इस बात पर निर्भर करेगा कि हम उस समय सामाजिक दूरी (social distancing) को किस तरह नियंत्रित करते हैं। उधर, बेंगलुरु के IISC यानी भारतीय विज्ञान संस्थान के प्राध्यापक राजेश सुंदरेसन ने इस पर सहमति जताई है। 

चीन में यह देखने को भी मिला है-
IISC के प्राध्यापक राजेश सुंदरेसन ने मीडिया से खास बातचीत में कहा, जब हम सामान्य गतिविधि के दौर में लौटेंगे, उस समय ऐसी आंशका रहेगी कि कोरोना संक्रमण (corona infection) के मामले दोबारा तेजी से बढ़ने लगें। चीन में यात्रा प्रतिबंध में राहत दिए जाने के बाद कुछ हद तक यह देखा भी गया है।” चीन सरकार ने 25 मार्च से लॉकडाउन (lockdown) की घोषणा की थी जब पूरे देश में कोरोना संक्रमण के 620 मामले थे और 13 मौत हुई थी। बाद में कोरोना संक्रमण (corona infection) के बढ़ते मामले को देखते हुए इस लॉकडाउन को बढ़ाकर 3 मई तक कर दिया गया।

कोरोना संक्रमण दर धीमी है-
स्वास्थ्य मंत्रालय के हालिया आंकड़ों के मुताबिक, कोरोना वायरस (corona virus) से मरने वालों की संख्या शुक्रवार को 718 हो गई और कुल संक्रमितों की संख्या बढ़कर 23,080 है। वहीं, अच्छी खबर देते हुए, अधिकारियों ने इस हफ्ते कहा था कि कोरोना संक्रमण (corona virus infection) मामलों के दोगुना होने की दर इस अवधि में काफी कम हुई। बता दें कि, लोगों के स्वस्थ होने की दर पिछले 10 दिनों में करीब दोगुनी से ज्यादा हो गई।