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शब ए बारात के मौके पर इन व्हाट्सएप मैसेज और शायरीयों से दें मुबारकबाद


इस्लामिक कैलेंडर के अनुसार शाबान माह की 15 तारीख को शब-ए-बारात मनाई जाती है। माना जाता है कि इस रात को अल्लाह की रहमतें बरसती हैं। इस बार शब-ए-बारात लॉकडाउन के बीच 9 अप्रैल को पड़ी है। शब-ए-बारात में शब का मतलब होता है रात और बारात का अर्थ है बरी। मुस्लिम समुदाय में इस रात को फजीलत यानी महत्वपूर्ण माना जाता है। सभी मुस्लिम समुदाय के लोग अल्लाह की इबादत करते हैं। सारी रात इबादत कर वह अल्लाह से अपने गुनाहों की माफ़ी मागते हैं।इस्लामिक मान्यताओं के मुताबिक, इस रात को अगर सच्चे दिल से इबादत की जाए और गुनाहों से तौबा की जाए तो अल्लाह हर गुनाह से पाक कर देता है।

आप भी फेसबुक, व्हाट्सएप समेत सभी सोशल मीडिया प्लेटफार्म और एसएमएस के जरिए शब ए बारात विशेज मैसेज और शायरी भेज हैं



Shab-E-Barat के लिए शायरी
1. रात को नया चांद मुबारक,
चांद को चांदनी मुबारक,
फलक को सितारे मुबारक,
सितारों को बुलंदी मुबारक,
आपको हमारी तरफ से,
शब ए बारात मुबारक
2. कबूलियत की आप पे बरसात हो,
खुशियों से आपकी मुलाकात हो,
कोई ख्वाहिश न रहे बाकी,
ऐसा मुबारक ये शबान का चांद हो
शबान मुबारक
3. या अल्लाह, मैं तुझसे मांगता हूं,
ऐसी माफ़ी जिसके बाद गुनाह ना हो,
ऐसी सेहत जिसके बाद बीमारी ना हो,
ऐसी राजा जिसके बाद कोई नाराज़गी ना हो,
शब-ए-बारात मुबारक!
4. शब-ए-बारात की पाक रात में,
अल्लाह आप पर मेहरबान हों,
आपके दामन में खुशियां ही खुशियां हों,
मुबारक हो आपको शब-ए-बारात!