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अगर लॉकडाउन के कारण घर में पड़े पड़े हो रहा है तनाव तो करें इन 3 चीज़ों का सेवन, रहत मिलेगी

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रोजाना कोरोना वायरस से जुड़ी ख़बरें सुनकर लोग बहुत अधिक स्ट्रेस महसूस कर रहे हैं। खासकर, ऐसे लोग जो काम के सिलसिले में अपने घरों से दूर रहते हैं, और लॉकडाउन (lockdown) के दौरान अकेले ही घरों में कैद हैं। उन्हें, बहुत ज्यादा, अकेलापन और स्ट्रेस (stress) महसूस हो सकता है। इस तनाव को कम करने के लिए रोजाना एक्सरसाइज़ और मेडिटेशन (meditation) करें। हमेशा खुश रहने की कोशिश करें, किताबें पढ़ें और बच्चों के साथ समय बिताएं। इसके साथ ही अपनी डायट में उन चीज़ों को शामिल करें। जिनके सेवन से स्ट्रेस (stress) काफी कम हो जाता है।
अखरोट-
अखरोट को फाइबर का सबसे बेहतरीन स्रोत माना जाता हैं। इनमें, एसिड्स, ओमेगा-3 फैटी और अनसैचुरेटड फैटी एसिड्स पाए जाते हैं। इससे, तनाव काफी हद तक कम होता है। जैसा कि तनाव से ब्लड प्रेशर लेवल्स (Blood Pressure) पर भी काफी असर पड़ता है। लो-ब्लड प्रेशर जानलेवा साबित हो सकता है। इसीलिए, अखरोट का रोजाना सेवन करने से ना केवल आप तनाव (stress) को नियंत्रण कर पाते हैं। बल्कि यह आपको मुश्किल दिनों में भी खुद को शांत रखने में काफी मदद करता है।
ग्रीन टी (Green Tea)-
एंटी-ऑक्सिडेंट्स से भरपूर ग्रीन टी न केवल मोटापा कम (weight loss) करने में हेल्पफुल होता हैं। बल्कि, इसका रोजाना सेवन करने से तनाव भी कम होता है। बता दें कि, ग्रीन टी में सैरोनिन्स (saponins), थियोब्रोमिन(theobromine) के अलावा कई विटामिन्स मौजुद होते हैं। ग्रीन टी (Green Tea) के सेवन से मेंटल परफॉर्मेंस बढ़ती है और ब्रेन सेल्स भी सक्रिय होती हैं। जिससे, शरीर का स्ट्रेस कम होता है और आपको मुश्किल दिनों में काफी आराम महसूस होता है।
केला-
केला भारत के हर घर में इस्तेमाल होते हैं। लॉकडाउन के समय जो बेसिक फल और सब्ज़ियां बाजार में मिल रही हैं उनमें केला भी शामिल है। इसीलिए, अगर आप घर में रहकर लगातार उदासी और तनाव (stress) महसूस कर रहे हैं, तो एक-दो केले रोजाना खा लें। दरअसल, केला में पोटैशियम पाया जाता है। पोटैशियम आपकी हार्ट बीट को नियंत्रित करता है। इससे, शरीर में ऑक्सिजन (oxygen) की सप्लाई अच्छी तरह से हो पाती है, जिससे, शरीर में पानी की मात्रा भी काफी बेहतर होता है। जब हम किसी कारणवश तनाव महसूस करने लगते हैं तो, हमारे शरीर में मेटाबॉलिक रेट (metabolic rate) बढ़ जाती है और शरीर में पोटैशियम (potassium) का स्तर भी कम हो जाता है