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अगर प्लेन दुर्घटना में नहीं हुई होती मौत तो आज भारत को अमेरिका से भी ज्यादा शक्तिशाली देश बना देता ये आदमी

दोस्तों आपने भारतीय राजनीती मे बहुत से ऐसे लोगो के बारे मे सुना होगा जिन्होंने देश के हित मे बहुत से महान कार्य किये है और यह देश उन्हें सदैव उनके कार्यों के लिए याद करता है l आज हम आपको भारत के एक ऐसे युवा लड़के के बारे मे बताने जा रहे है जिसने काफ़ी कम समय मे ही राजनीती मे अपना काफ़ी नाम भी कमाया और यह भारत का सबसे पहला युवा नेता था l

भारत को अमेरिका जितना अमीर और ताकतवर बना सकता  था यह आदमी, जिसका नाम नहीं काम बोलता था
 
 
आपको बता दे की इस युवा नेता का नाम था संजय गाँधी जो की भारत की पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गाँधी के सपुत्र थे l संजय गाँधी को उनके कार्यों और उनके कठोर फैसलों के कारण भारत की राजनीती मे सदैव याद किया जाता है l संजय गाँधी का जन्म साल 1946 मे हुआ था l

 
 
संजय गाँधी का सपना भारत को शिखर की बुलंदियों पर ले जाना था l वह चाहते थे की भारत अमेरिका जितना शक्तिशाली और अमीर बने l संजय गाँधी ने इंदिरा गाँधी के नेतृत्व मे बहुत से बड़े फैसले लिए थे l एमरजेंसी जैसे बड़े फैसलों मे भी उनका काफ़ी योगदान था l महज़ 33 साल की उम्र मे उन्हें भारतीय राजनीती का इतना ज्ञान हो चूका था की वह भारत के प्रधानमंत्री बनने के योग्य थे l

 
 
उनके नेतृत्व मे भारतीय कांग्रेस ने केंद्र मे अपनी सरकार तो बनाई ही और साथ मे 8 राज्यों मे भी कांग्रेस की जीत हुई l मारुती कार को भारत मे तैयार करने का सपना भी उनका था l वह भारत की गरीबी को खत्म करना चाहते थे l लेकिन समय को कुछ और ही मंजूर था और साल 1980 मे हुई एक प्लेन दुर्घटना मे उनका देहांत हो गया और इस देश ने अपना एक लोकप्रिय और युवा नेता खो दिया l ज्यादातर लोगो का उनके बारे मे मानना है की अगर वह जीवित होते तो भारत आज अमेरिका जितना अमीर और ताकतवर देश होता l