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उन दरिंदों ने 8 महीने तक रोज मुझसे दुष्कर्म किया, मैं विरोध करती तो वे मुझे पीटते थे मुझे रोने भी नहीं देते, लेकिन मैं हारने वाली नहीं हूं दोषियों को सबक सिखाकर रहूंगी


किसी शायर ने कहा था कि 'लोग औरत को फकत जिस्म समझ लेते हैं, रूह भी होती है उस में ये कहां सोचते हैं'। एक ऐसी ही लड़की की दर्दनाक कहानी सामने आई है। जिसके साथ पहले गैंगरेप हुआ, फिर उसे जिस्म के बाजार में उतारने की कोशिश हुई। ऐसा वाला कोई और नहीं बल्कि अपने ही परिचित थे।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, एक 17 साल की लड़की के साथ अप्रैल 2017 में परिचित ने ही घर में हवस का शिकार बनाया गया। फिर उसके साथ गैंगरेप हुआ और वेश्यावृत्ति की राह पर धकेलने की कोशिश हुई। उसके साथ ज्यादती करनेवालों की लिस्ट में पूर्व डीएसपी, थानेदार, सफेदपोश लोग भी शामिल हैं। फिलहाल दो आरोपी अभी जेल में हैं, एक जमानत पर छूट गया है।

मिली जानकारी के मुताबिक, उसने करीब आठ महीने तक यह पीड़ा झेली। फिर उसने हिम्मत जुटाकर जनवरी 2018 में केस कर दिया। इस मामले की सीआईडी जांच चल रही है। आरोपी पुलिस अफसरों का तबादला कर दिया गया है।

पीड़िता इस सदमे से उबर नहीं पा रही है। वह हमेशा खामोश रहती है। उसके घर के ड्राइंग हॉल में एक्वेरियम रखा है। वह मछलियों को घंटों देखती रहती है।

पीड़िता का कहना है कि मेरी जिंदगी इन मछलियों की तरह है। एक कमरे में कैद। जिसे न जीने का अधिकार है, न मरने का। कुछ दरिंदों के कारण मैं भी एक्वेरियम में कैद होकर रह गई हूं। मुझे भी बाहर घूमना अच्छा लगता था, लेकिन अब बालकनी में जाने में भी डर लगता है। लोग गंदी नजरों से घूरते हैं।

वह हादसों को याद कर कहती है कि उन लोगों ने 8 महीने तक रोज मुझसे दुष्कर्म किया। इंजेक्शन लगवाकर मेरे शरीर से खेला जाता था। चार आरोपी नियमित थे, बाकी आते-जाते रहते थे। मैं विरोध करती तो वे मुझे पीटते थे। मुझे रोने भी नहीं देते। एक महिला मुझे बेल्ट से मारती थी। लेकिन मैं हारने वाली नहीं हूं। दोषियों को सबक सिखाकर रहूंगी।

लड़की का कहना है कि अब उनकी एक ही मकसद है, दोषियों को कड़ी सजा दिलवाना। इसके बाद ही वह शहर ही छोड़गी। वह यह भी कहती है कि भगवान जाने आगे मेरे साथ क्या होने वाला है?