Breaking News

12000 लोगों पर हुई रिसर्च से खुल गया सेक्स लाइफ को बेहतर बनाने का सबसे बड़ा रहस्य


सेक्स लाइफ यानी सबसे करीबी साथी के साथ सबसे निजी पल। इन पलों का आप लुत्फ नहीं ले पा रहे हैं तो कई गंभीर बीमारियों का शिकार हो सकते हैं, जिंदगी मायूसी में काटने को मजबूर होंगे। लेकिन अब परेशान होने की बात नहीं है। हजारों लोगों पर किए गए शोध से उस बात पर मुहर लग गई है जो सेक्स लाइफ को बेहतर करने का सबसे टॉप सीक्रेट है।
टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक सेक्स लाइफ पर किए गए एक शोध में पता चला है कि जो लोग अपने लुक्स (शरीर की दिखावट) पर ध्यान देते हैं, उनकी सेक्स लाइफ मजेदार होती है। वे खुद को और अपने पति/पत्नी/साथी को संतुष्ट करने वाले चर्मोत्कर्ष तक ले जाते हैं।

शोधार्थियों की मानें तो बेहतर सेक्स लाइफ के लिए सबसे जरूरी है संबंधों में रोमांस का अहसास होना, जो कि तभी होता है जब सामने वाला दिखने में अच्छा लगे। इसके पीछे शोधार्थियों का तर्क है कि बॉडी इमेज अकर्षक लगती है तो आपके साथी को आप पर फिदा होने में देर नहीं लगती। यूं कहिए कि बेहतर सेक्स लाइफ की शुरुआत ही यहीं से होती है।

अमेरिका की चैपमैन यूनिवर्सिटी के शोधार्थी डेविड फ्रेडरिक की मानें तो अध्ययन में पता चला है कि शरीर की दिखावट और वजन आपका यौन जीवन कैसा हो, ये तय करता है। अध्ययन के मुताबिक महिलाओं को सुगठित, पतले और सुडौल पुरुष पसंद आते हैं।
12,000 लोगों पर हुई रिसर्च

सेक्स लाइफ पर शोध करने वाली टीम ने 18 से 65 की उम्र के बीच के 12,000 लोगों पर शोध किया। शोध के लिए शामिल हुए इन लोगों से पर्सनाल्टी, रोमांटिक रिलेशनशिप, सेल्फ इस्टीम, टेलीविजन वीविंग और खुद के चरित्र के बारे में सवाल किए गए।

इनमें से 24 फीसदी पुरुष और 20 फीसदी महिलाएं अपनी शारीरिक दिखावट और वजन से संतुष्ट लगीं। वहीं जिन लोगों का वजन शोध के मानकों से ज्यादा था, उन्होंने अपनी सेक्स लाइफ के बारे में असंतुष्टी जाहिर की। इन लोगों की मानें तो इससे उनके आत्म सम्मान में भी फर्ख पड़ा है।

लोग अपने शरीर के बारे में जैसा अहसास करते हैं, उससे रिश्तों के प्रति उनके झुकाव में भी असर दिखता है। शोध में इसे अटैचमेंट स्टाइल्स (लगाव शैली) कहा गया।

चिंता और भय करने वाली औरतें अपने शारीरिक वजन के प्रति ज्यादा असंतुष्ट दिखीं। शोध के मुताबिक असंतुष्ट लोगों में देखा गया कि वे तंत्रिका रोगों से ग्रसित हो जाते हैं, डरने लगते हैं और ज्यादातर समय टीवी देखते हुए बिताते हैं।

वहीं संतुष्ट लोगों में खुलापन, ईमानदारी, बहिर्मुखता, संबंधों के प्रति लगाव, आत्म सम्मान होता है।